Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी: पीपीई किट और बेकार की खराब गुणवत्ता के आरोपों से स्वास्थ्य मंत्री का इनकार, सरकार बस मेडिकल परीक्षा कराने को तैयार

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायपुरएक घंटा पहले

  • कॉपी लिस्ट

हड़ताल के दूसरे दिन भी जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी और सामान्य सेवाओं का बहिष्कार जारी रखा। इससे आम मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।

रायपुर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया है। वे पार्किंग क्षेत्र में धरने पर बैठे हैं। इस बीच प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव ने जूनियर डॉक्टरों के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने पीपीई किट, वर्क और सर्जिकल ग्लव्स की खराब गुणवत्ता की बात कही थी।

दैनिक भास्कर से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, “गुणवत्ता खराब हाेने जैसी कोई बात ही नहीं है। जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल में उनकी परीक्षा ही मुख्य मुद्दा है। हम परीक्षा उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहे हैं। मैंने चिकित्सा शिक्षा संचालक से बात की है। जल्दी ही उनकी परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी जाएगी। “

सिंहदेव ने कहा, “छात्रों के एक समूह के कहने पर ही परीक्षाओं को टाला भी गया था। उस समूह का कहना था कि कोरोना की भव्याहता के बीच परीक्षा करना ठीक नहीं है। अब एसोसिएशन कह रही है कि छात्रों का प्रतिनिधित्व वे करते हैं। वे परीक्षा प्रदान करने की माँग कर रहे हैं।) इधर, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक वे हड़ताल जारी रखेंगे। एसोसिएशन ने 15 अप्रैल से आपातकालीन सेवाओं और 18 अप्रैल से कोविड ड्यूटी का भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

इन मांगों पर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल

  • डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग डानिंग और डाफिंग रूम बनायें।
  • उचित गुणवत्ता के पीपीई किट, चेहरे, दस्ताने और स्क्रब प्रदान किए जाते हैं। इन्हीं के अभाव में डॉ कोरोना से भिन्न हो रहे हैं।
  • ईमानदार रेजिडेंट डॉक्टरों को अवैतनिक अवकाश के लिए विवश किया जा रहा है।
  • दूरस्थ स्थलों पर सभी डॉक्टरों को कोरोना ड्यूटी में शामिल किया जाएगा।
  • अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ, रिलायंस टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय, स्ट्रेचर ब्वॉय और सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
  • अस्पतालों में सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
  • उचित संख्या में डेडिकेटेड को विभाजित केंद्र बनाकर अलग से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी।

अपनी सुविधाओं को बढ़ाने की भी मांग रखी है

  • जूनियर डॉक्टरों ने ग्रामीण क्षेत्र में सेवा का अनुबंध दो वर्ष से छकर एक वर्ष करने की मांग की है।
  • ग्रामीण क्षेत्र में सेवा के लिए प्रदेश भर में एक समान 95 हजार रुपये का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।
  • छात्रवृत्ति उठकर इंटर्न डॉक्टर को 20 हजार, पीजी डॉ। प्रथम वर्ष को 80 हजार और पीजी डॉ। को द्वितीय और तृतीय वर्ष को 85 हजार रुपये दिए जाएंगे।
  • कोरोना ड्यूटी वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाए। रेजिडेंट डॉक्टर को 10 हजार, पैरामेडिकल स्टाफ को 500 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 200 रुपए।

परीक्षा की बात भी शामिल

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मेडिकल कौंसिल के मापदंडों के मुताबिक एमडी, एमएस और मेडिकल की की परीक्षाएं आयोजित करने की मांग की है। कहा गया कि पांच दिनों के भीतर परीक्षा तिथि घोषित कर दी जाएगी।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: