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छग में स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता का निधन: पिछले साल कोरोना को मां, यह नहीं पाया गया; शहीद का दर्जा देने की मांग उठी

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रायपुर12 घंटे पहले

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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ। सुभाष पाण्डेय के निधन से विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों में दु: ख का माहौल है।

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता और रायपुर में संयुक्त संचालक डॉ। सुभाष पाण्डेय का कोरोना से निधन हो गया है। शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं शुरू करने वाले डॉ पाण्डेय, 2020 में भी कोरोना से विविधताएं थीं। उस समय उन्होंने महामारी को माँ देकर वापसी की। दुर्भाग्य से इस बार ऐसा नहीं हो पाया और वायरस से लड़ते हुए उनका निधन हो गया। अब राजनीतिक-सामाजिक हलकों में उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग उठ रही है।

बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान शुक्रवार को ही उन्हें बुखार महसूस हुआ था। उसके बाद जांच हुई। शनिवार और रविवार को होम आइसोलेशन में उनका इलाज चला गया। समस्या बढ़ने पर सोमवार को उन्हें रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया। स्थिति नहीं सुधरी तो मंगलवार देर रात उन्हें आईसीयू में ले जाया गया। एम्स के डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें लगभग नहीं किया जा रहा है। पिछले वर्ष जुलाई में भी वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आये थे। 10 दिन इलाज के बाद वे स्वस्थ हो गए और काम पर वापस लौट आये थे।

अक्टूबर 2020 में उन्हें स्वास्थ्य विभाग का प्रवक्ता बनाया गया था। कोरोना संक्रमण, ठीक होने वालों की संख्या और कोरोना से हो रही मौतों से जुड़े सरकारी आंकड़ों को मीडिया को देने की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। अधिकारियों ने बताया, डॉ पाण्डेय इसी वर्ष सेवा से रिटायर होने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी, बेटी सहित कई डॉ हैं।

लंबे समय तक राज्य अधिकारी थे

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जयनारायण पाण्डेय के पुत्र डॉ। सुभाष पाण्डेय लगभग 15 वर्षों तक राज्य के टीकाकरण अधिकारी रहे थे। बाद में उन्हें दुर्ग का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बनाकर भेजा गया। वहाँ से उन्हें रायपुर में स्वास्थ्य विभाग का संभागीय संयुक्त संचालक बनाया गया। प्रदेश में 16 जनवरी से कोरोनाकेकरण अभियान शुरू हुआ। डॉ। सुभाष पाण्डेय उन अधिकारियों में से थे जिन्होंने पहले दिन ही यह टीका लगाया था।

होम आइसोलेशन का ट्रायल इन्हीं की देखरेख में हुआ

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया, पिछले साल रायपुर में होम आइसोलेशन व्यवस्था का जो ट्रायल हुआ था, उसकी निगरानी करने वाले छह डॉक्टरों में डॉ। पाण्डेय भी एक थे। वे राज्य स्तरीय डेथ ऑडिट कमेटी के अध्यक्ष भी थे। यह कमेटी कोरोना से हो रही मौतों की परिस्थितियों और इलाज का विश्लेषण कर हस्तक्षेप के नए उपाय को ध्यान में रखता है।

कांग्रेस नेता ने उठाई शहीद का दर्जा देने की मांग की

कांग्रेस के प्रदेश सचिव और प्रवक्ता विकास तिवारी ने डॉ। सुभाष पाण्डेय को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई है। विकास ने कहा, “डॉ। सुभाष पांडेय बेहद मिलनार और सहयोगी भाव के व्यक्ति थे। उनके कर्मपरायणता के कारण उनकी मृत्यु हुई। परम मुख्यमंत्री जी से स्वर्गीय डॉ। सुभाष पांडे जी को” शहीद “देने के लिए निवेदन करता हूं।” कांग्रेस चिकित्सा विभाग के प्रमुख और छत्तीसगढ़ हास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ। राकेश गुप्ता ने भी डॉ। पाण्डेय को श्रद्धांजलि दी है।

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