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4 महीने बाद खुला राज: पहले सामान्य मौत मान परिजनों ने किया दाह-संस्कार, शंका होने पर की प्राथमिकी, पुलिस बोली- झाड़-फूंक कर पैसे ऐंठने के लिए हुई थी हत्या

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कवर्धा6 घंटे पहले

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कवर्धा पुलिस ने मध्यप्रदेश के बालाघाट के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। झाड़-फूंक कर पैसे और हत्या के आरोपी हैं।

  • चार आरोपी गिरफ्तार; सभी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में झाड़-फूंक का झांसा देकर पैसा ऐंठकर हत्या करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। मृतक सुरेश कौशिक ने परिवार के साथ गांव वालों से आपसी संबंध को ठीक करने के लिए झाड़-फूंक का सहारा लिया था। वास्तव में यह पूरा मामला 1 जनवरी 2021 का हैं।

सिद्धबाग बनने की हत्या और लूट

पुलिस के अनुसार, एक जनवरी 2021 को ग्राम मरवारा निवासी सुरेश कौशिक की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसपुर लोहारा में इलाज के लिए लाते समय मृत्यु हो जाने से मृतक के परिवारजनों ने गांव में जाकर अंतिम संस्कार कर दिया था। मृतक के शव को दफनाने के पांच दिन बाद छह जनवरी को परिजनों ने मृत्यु के संबंध में शंका होने व जांच के लिए आवेदन पुलिस चौकी बाजार चारभाठा को दिया था। इसके बाद सुरेश कौशिक के शव को खोदकर कर पोस्टर्माटम किया गया। साथ ही थाना प्रभारी सहसपुर लोहारा के नेतृत्व में टीम तैयार कर एप के हर पहलू की बारिकी से जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीम को इस तथ्य की जानकारी हुई कि सुरेश कौशिक अपने दोस्त रामफल कौशिक व उसके पिता हरिशंकर कौशिक के साथ ग्राम जगला जंगल में किसी बैगा से मिलने व झाड़-फूंक कराने गए थे। उसी दौरान रामफल और सुरेश की तबियत खराब हो गई। जहां से इलाज के लिए सहसपुर लोहारा लाते समय सुरेश की मौत हो गई और रामफल को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे बचा लिया गया था।

सिद्धबाग और झाविड़-फूंक की कहानी

पुलिस ने जांच में सभी कडियों को आपस में मिलाया तो नोड में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। रामफल व सुरेश व उसके परिवार के साथ गांव वालों का आपसी व्यवहार ठीक नहीं होने से झाड़-फूंक के माध्यम से गांव वालों से व्यवहार ठीक करने का आश्वासन स्वयं को सिद्धबगा बताने वाले आरोपी भजन दास ने दिया है। इसके बाद सुरेश व रामफल 30 दिसंबर 2020 को सुंदर के घर में झंडू-फूंक करने वाले मिले। जहां आटा को उनके सामने हाथ की सफाई से लाल रंग में बदल कर भजन दास ने अपने को सिद्घ बैगा बताकर प्रभाव व झांसे में ले लिया। गांव में दोनों परिवारों का सामंजस्य पुनः स्थापित करने का झांसा देकर दो लाख रुपये की मांग रखी गई। पुलिस ने बताया कि सुंदर लाल यादव, जगला, भजन दास, बालाघाट, प्रमोद पसिने, बालाघाट और विनोद कुमार, बालाघाट को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे को हड़पने की नियत से मिठाई में जहर सहित प्रसाद के रूप में खाना देकर दोनों के बेहोश होने पर पैसे लेकर भाग जाने की योजना बनाई थी।

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