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बेकाबू होता है कोरोना: छत्तीसगढ़ में 10,521 नए मामले, 122 मौतें भी; पहली लहर में 37 हजार सक्रिय केस अभी भी 90 हजार से ज्यादा, ढाई गुना तेजी से बढ़ रहे हैं

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रायपुरएक घंटा पहले

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सुकमा जिले में 29 पंचायतों ने खुद को बंद कर दिया।

  • गंभीर रोगियों की वृद्धि दर: 2.5% (वर्ष की शुरुआत में यह 1 प्रतिशत के नीचे थी)
  • कोरोना एक्टिव केस संख्या: 20% (इस वर्ष के प्रारंभ में 1 प्रतिशत तक आ गई थी)

छत्तीसगढ़ में रविवार को कोरोना के 10521 नए मिले हैं। रायपुर में 2833 पॉजिटिव मिले हैं, जबकि अन्य दिनों के मुकाबले रविवार को टेस्ट कम होते हैं। इस दौरान पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 122 मौतें भी हुईं, जिनमें 48 रायपुर के हैं। हालांकि 40 पुरानी मौतें शामिल हैं।

इधर, प्रदेश में सक्रिय रोगी यानी घर-अस्पताल में इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या 90 हजार से अधिक हो गई है। पहली लहर में सबसे ज्यादा सक्रिय केस 37 हजार थे। यह आंकड़ा सितंबर में आया था। यानी ढाई गुना तेजी से संक्रमण फैल रहा है। रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के रेलवे कारखाने में 100 से ज्यादा लोग सक्षम हो चुके हैं। यहां तीन मौतें भी हुई हैं।

सक्रिय रोगियों की तादाद लगातार बढ़ने से ही रोगियों को बिस्तर नहीं मिल रहे हैं। बड़े अस्पतालों के बाहर मरीज बेड के लिए इंतजार करते देखे जा रहे हैं। रायपुर में रविवार को राजधानी के मठपारा में रहने वाले 52 साल के एक शख्स की मौत हो गई। परिजन ने बताया कि शनिवार को देर रात उन्हें अस्पताल ले जाया गया, सुबह तक बिस्तर नहीं मिला तो उन्हें घर वापस लाया गया। इस दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी तरह, पूंजी में ही दो साल की बच्ची की भी इलाज नहीं मिलना की वजह से मौत की खबर है।

सिस्टम में कई खामियां- केंद्र से आई टीम ने रिपोर्ट भीज़ की
उधर, प्रदेश में 11 जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति की गिरने वाली करने वाली केंद्रीय टीम ने 6 बिंदु पर आधारित फीडबैक छत्तीसगढ़ शासन को सौंप दिया है। जिसमें कांटे ट्रेसिंग, ट्रेकिंग और टेस्टिंग के सिस्टम में खामियों की ओर शासन को आगाह किया गया है। केंद्रीय टीम ने कहा है कि रायपुर जैसी राजधानी सहित प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड कम हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट भी नहीं के बराबर ही हो रहे हैं, जो बढ़ने चाहिए। हालांकि टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्थिति पर नियंत्रण के लिए शासन को सक्षम भी बताया।

संक्रमण को रोकने के लिए; बिलासपुर, धमतरी, सरगुजा और गरियाबंद जिले में लॉकडाउन, अब तक 16 जिले लॉक
कोरोना के बढ़ते संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए एक के बाद एक प्रदेश के 16 जिलों में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। रविवार को बिलासपुर, सरगुजा, गरियाबंद और जांजगीर-चंबा जिले में भी लॉकडाउन की राजधानी में चला गया। वहीं सरगुजा में 13 अप्रैल से 23 अप्रैल तक, बिलासपुर में 14 से 21 अप्रैल तक, गरियाबंद में 13 से 23 अप्रैल तक और जांजगीर-चंदा में 13 से 23 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। रायगढ़ 14 अप्रैल से 22 अप्रैल तक, धमतरी में 11 अप्रैल से 26 अप्रैल तक महासमुंद में 14 अप्रैल से 22 अप्रैल और कोरबा में 12 अप्रैल से 10 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया गया है।

सुकमा जिले में 29 पंचायतों ने खुद को बंद कर दिया
कोरोना के खतरे को देखते हुए जिले की 29 ग्राम पंचायतों ने अपने गांव को ताला कर लिया है। पंचायतों के सरपंच व वार्ड पंचों ने बाकायदा बैठक कर पंचायत के सभी आश्रित गांवोंन को सशक्तीकरण जोन घोषित करने का लिखित प्रस्ताव पारित कर इसकी सूचना अपने-अपने जनपद पंचायत मुख्य कार्यापालन अधिकारी को भेज दी है।

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