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छत्तीसगढ़ की डराने वाली तस्वीरें: बेड नहीं मिल रहा तो बेंच पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर बैठ रहे कोरोना मरीज, जिम्मेदार मंत्री-अफसर कॉन्फिडेंस में बोल रहे- सब कंट्रोल में है

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रायपुर3 घंटे पहलेलेखक: सुमन पांडेय

चित्रा रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के कोविड वार्ड के बाहर की है।

रायपुर शहर में पिछले 24 घंटे में 3,797 नए मरीज मिले हैं। 42 लोगों की मौत हुई है। अब राजधानी में सक्रिय मरीज 21 हजार 329 हैं। रविवार को दैनिक भास्कर ने प्रदेश के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल की स्थिति का जायजा लिया। लेकिन, यहाँ जो देखने को मिला वह आपको डराने के लिए मजबूर कर देगा। यहां कोविड वार्ड में ऑक्सीजन बेड फुल हो चुके हैं। मरीज कैंपस में रहने के लिए मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब राज्य सरकार को 830 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

अंबेडकर अस्पताल की तरफ से इन रोगियों से कह दिया गया है कि बिस्तर खाली होने पर उन्हें बिस्तर दिया जाएगा। करीब 10 मरीज ऐसे हुए हैं, जिनकी स्थिति गंभीर है। कुछ को स्ट्रेचर पर लेटाकर रखा गया है तो कुछ कुर्सियों पर बैठे हैं। एक बुजुर्ग को स्ट्रेचर नसे नहीं हुआ तो बेंच पर ही बैठ गया। इस मरीज की दशा मूल में उन सभी सरकारी दावों की पोल खोल रही थी, जिसमें मंत्री और अफसर पूरे कॉन्फिडेंस से कह देते हैं कि सब कंट्रोल में है।

वैनेंड ले जाने के लिए गाड़ी नहीं मिल रही है
रविवार की दोपहर 2 बजकर 37 मिनट से लेकर 2 बजकर 43 मिनट तक मर्चुरी से 6 शव बाहर निकाले गए थे। ये सभी योग्य व्यक्तियों के शव थे। कोविद वार्ड से कुछ कदमों की दूरी पर बने मोर्चरी के पास सुबह से ही कोरोनाजर मृतकों के परिजन शव ले जाने के लिए परेशान से ज्यादा बेबस दिखे। क्योंकि यहां शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के लिए गाड़ियां नहीं मिल रही थीं। एक कर्मचारी से लोग गाड़ियों के बारे में पूछ रहे थे, तो उसने कहा- रुक जाइए, यहां सुबह से लोग इंतजार कर रहे हैं हम क्या करें, गाड़ियां सब गए हुए हैं शकों को लेकर जब गाड़ी आएगी बॉडी दे दी जाएगी।

अफसार फोन बंद करके बैठे
कोवि वार्ड के पास खड़े एक युवक से पूछने पर पता चला कि उनकी मां का देहांत हो गया है। सुबह अचानक डॉक्टर्स ने उनकी मौत की खबर परिजन को दी। इसके बाद सब प्रक्रियाएं पूरी की गई, अस्पताल की तरफ से कह दिया गया कि बॉडी ले जाने के लिए तहसीलदार की अनुमति के बारे में बताएं। ये अनुमति कैसे मिलेगी? ये भी किसी ने नहीं बताया। काफी गुंजाइश के बाद पता चला कि नायब तहसीलदार एनके सिन्हा की 9 से 13 अप्रैल तक इसी काम के लिए शुल्क लिया गया। जब फोन पर इनसे संपर्क किया गया तो मोबाइल बंद मिला। दूसरे लोगों से पूछने पर वह पता चला कि कई घंटों से इस अधिकारी का फोन बंद है।

सरकारी वेबसाइट का हाल, जहां बेड की जानकारी मिलनी थी

रविवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 8 मिनट तक इस साइट का हाल यही रहा। ये बाद में भी अपडेट नहीं हो सकी।

फंड की कमी नहीं
शनिवार को सरकार की ओर से दावा किया गया कि कोरोना महामारी की शुरुआत से अब तक विभिन्न निवेश से 853 करोड़ रुपये से अधिक राशि का आवंटन किया गया है। पिछले एक साल में कोरोना से निपटने के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रदेश के 28 जिलों को 73.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 300 करोड़ रु। जांच, दवा और अन्य चीजों के बांटा गया है। 192 करोड़ रू। स्टेट डिजास्टर रिलेफ फंड, 185 करोड़ रु। नाबार्ड सहायता, 25 करोड़ रू। लोक निर्माण विभाग, 78 करोड़ रू .केंद्र-राज्य शामिलाती सहायता के शामिल हैं। शनिवार को ही रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिले को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 4 करोड़ रुपये की राशि दी गई।

200 फोन रोज आते हैं
छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग से जुड़े और भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित हिरनानी ने बताया कि कुछ डॉक्टरों से सहयोग हम लोगों तक मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं। लोगों को अस्पताल में बिस्तर नहीं मिल रहे हैं। मेरे पास हर दिन कम से कम 200 फोन आते हैं। इसके बाद मैं खुद रायपुर के हर प्राथमिक और सरकारी अस्पताल में कॉल करता हूं। एक भी जगह ऑक्सीजन बिस्तर नहीं मिलता है। फिर भी हम बार-बार फोन करके वेटिंग में नंबर लगवाते हैं। कल ही राजेंद्र नगर इलाके के एक प्राथमिक अस्पताल में बात करने पर पता लगा कि वहां 44 वेटिंग है। यानी 44 ऐसे मरीज इंतजार कर रहे हैं जिन्हें ऑक्सीजन बेड की जरूरत है। दो दिनों तक कई बार फोन करने की वजह से 10 में से 1 मरीज को बेड बड़ी मुश्किल से मिल पाता है।

कोविड वार्ड में बुजुर्ग दंपती इस हाल में पहुंचे।  उन्हें भी यहां केवल इंतजार करना पड़ा।  चित्रा रायपुर के अंबेडकर अस्पताल की।

कोविड वार्ड में बुजुर्ग दंपती इस हाल में पहुंचे। उन्हें भी यहां केवल इंतजार करना पड़ा। चित्रा रायपुर के अंबेडकर अस्पताल की।

छत्तीसगढ़ में कोरोना
शनिवार रात तक एक साथ 14 हजार 98 नए मरीज मिले। 123 लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई। इनमें से 97 लोगों की जान बीते 24 घंटे में गई है। जबकि 26 मौतों का आंकड़ा सरकार के पास एक सप्ताह की देरी से आ पाया। पूरे प्रदेश में अब सक्रिय मरीजों की संख्या 85 हजार 860 है। अब तक 4777 कोरोनायनों की मौत हो चुकी है।

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