Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

कोरोना में सख्ती बढ़ी: दूसरे प्रदेशों से छत्तीसगढ़ आ रहे रेल यात्रियों को भी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है, नहीं दिखाया गया तो क्वारेंटीन केंद्र भेजेगा सरकार

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायपुर4 मिनट पहले

  • कॉपी लिस्ट

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोरोना प्रबंधन की समस्याओं पर चर्चा की।

  • हवाई यात्रियों के लिए पहले ही जारी हो चुके आदेश
  • विशेषज्ञों से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए

कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता से सहमी सरकार ने प्रदेश में अब सख्ती बढ़ाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दूसरे प्रदेशों से छत्तीसगढ़ आ रहे रेल यात्रियों के लिए 72 घंटे की की कोरोना निगेटीवी रिपोर्ट दिखाने को अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, जिन यात्रियों के पास RTPCR जांच की निगेटिव रिपोर्ट नहीं है, उन्हें निर्धारित मार्शल के तहत क्वारेंटीन सेंटर, कोविड कैर सेंटर या अस्पताल में रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हवाई अड्ढों पर RTPCR टेस्ट की रिपोर्ट कल से ही अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि हवाई अड्दडों पर रिपोर्ट नहीं दिखाने वालों के लिए अंजन जांच की व्यवस्था की गई है। लेकिन रेल यात्रियों के लिए अभी तक ऐसा कोई निर्देश नहीं हुअा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये निजी अस्पताल संचयकों, चिकित्सा विशेषज्ञों, मेडिकल और ड्रग एसोसिएशन के अधिकारियों से चर्चा कर कोरोना प्रबंधन में आ रही दिक्कतों और समाधान के उपायों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा, इस बार गांवों में भी अंतर फैल रहा है। इसे रोकने के लिए प्रदेश के बाहर से आने वाले लोगों की जांच जरूरी है। गांवों में क्वारेंटीन केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर आने वालों की सजगता से जांच करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निजी अस्पताल संभाकों से कहा कि कोरोना रोगियों का बेहतर से बेहतर इलाज करें। इसके लिए राज्य सरकार भी आवश्यक सहयोग करेगी।

खुचंद बघेल योजना से कोरोना का इलाज हो सकता है, तय हो जाएगा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, कोरोना रोगियों को इलाज में उनपर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम से कम करने को कहा गया है। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निजी अस्पतालों से चर्चा कर इलाज की दरों को पुनरीक्षित करें। उन्होंने कहा, कोरोना के इलाज को भी डॉ। खुचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना से सम्बद्ध करने को भी कहा गया है। उन्हें जरूरत है कि नए अस्पतालों को भी इलाज की अनुमति प्रदान करने के लिए कहा जाए।

रेंडेमसिविर इंजेक्शन लाने की भी कवायद

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना के इलाज में इस्तेमाल किया जा रहा रेंडेमसिविर इंजेक्शन की सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव अमिताभ जैन को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा, इस दवा का उत्पादन करने वाली कंपनियों के साथ समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को हैदराबाद और महाराष्ट्र को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष से चर्चा कर उन्हें अन्य राज्यों से रेंडेमसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति बढ़ाने को कहा।

ऑक्सीजन की उपलब्धता को सुनिश्चित किया गया

मुख्यमंत्री ने बताया, प्रदेश में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले उत्पादों को पहले छत्तीसगढ़ के शासकीय और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निजी क्षेत्र के कुछ नए उद्योगों को भी मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन की अनुमति दी गई है। प्रदेश के सभी अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है।

ICU- ऑक्सीजन के लिए औद्योगिक घरानों की मदद मांगी गई

मुख्यमंत्री ने रायपुर, बल्लपुर और दुर्ग के कलेक्टरों को ऑक्सीजन और आईसीयू सुविधा वाले बिस्तरों और वेन्टीलेटर की संख्या को कहा। उन्होंने कहा, इसके लिए विधायकों की विधायक निधि की राशि से सहयोग का अनुरोध किया जा सकता है। उन्होंने औद्योगिक घरानों से भी इसके लिए सहायता लेने की बात कही।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: