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कोरोना प्रबंधन पर केंद्र की नजर: केंद्रीय टीम ने रायपुर में कोरोना से मौतों पर पूछे जाने वाले प्रश्न, डॉक्टरों ने कहा – हालत बेहद गंभीर होने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं रोगी

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रायपुर18 मिनट पहले

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कोरोना पर केंद्र सरकार के उच्चस्तरीय निगरानी दल के साथ आम्बेडकर अस्पताल के विशेषज्ञों ने भी हस्तक्षेप के उपायों पर चर्चा की।

  • केंद्र सरकार की ओर से प्रेषित विशेषज्ञों ने डॉ। भीमराव आंबेडकर अस्पताल का किया निरीक्षण
  • अस्पताल के विशेषज्ञों से संसाधन, व्यवस्था और रोगियों के इलाज से जुड़ी जानकारी ली

छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी के भावह होते चले जाने के बीच केंद्र सरकार ने व्यवस्था की निगरानी शुरू कर दी है। आज केंद्र सरकार के दो विशेषज्ञों लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली के एनेस्थेटिस्ट एंड क्रिटिकल कैर विशेषज्ञ डॉ। निशांत कुमार और एम्स रायपुर में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डॉ। मुर्शा एम। रुईकर ने प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रायपुर के डॉ। भीमराव आम्बेडकर अस्पताल के विशेषज्ञों से पूछा कि संसाधनों के बावजूद इतनी अधिक संख्या में मरीजों की मौत क्यों हो रही है।

अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया, कोरोना के अधिकांश रोगी काफी खराब स्थिति में अस्तपाल पहुंच रहे हैं। ऐसे में पूरी कोशिश के बाद भी उन्हें बचाना संभव नहीं हो रहा है। डॉक्टरों का कहना था, कई बार मरीज को लाते हुए रास्ते में ही मौत हो रही है। लोगों से बार-बार कहा जा रहा है कि लक्षण महसूस होने पर कोरोना जांच कराएगा, ताकि समय से इलाज शुरू हो सके। आम्बेडकर अस्पताल में क्रिटिकल कर विशेषज्ञ डॉ। ओपी सुंदरानी ने विशेषीकृत कोविड अस्पताल के इंटेंसिव कैर यूनिट में बिस्तरों की उपलब्धता, वेंटिलेटर, मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति और अति आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी दी। अस्पताल अधीक्षक डॉ। विनित जैन ने अस्पताल में कोविद -19 के उपचार के लिए भर्ती रोगी, अस्पताल में उपलब्ध डॉ, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ के बारे में टीम को जानकारी दी।

आईसीयू में जगह नहीं बची

अस्पताल के डॉक्टरों ने केंद्रीय टीम को बताया कि उनके पास आईसीयू में अब जगह नहीं बची है। उसकी क्षमता से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉक्टरों ने वीडियो अपडेट के जरिये केंद्रीय टीम को वार्ड और मरीजों की स्थिति दिखाई।

गैर कोरोना रोगियों को भर्ती करने से जश्न मनाने का सुझाव

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की टीम ऐसे मरीजों को आईसीयू में भर्ती नहीं करने का सुझाव दिया है जो कोरोना से पीड़ित नहीं हैं। आम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने ऐसा करने में असमर्थता जता दी है। उनका कहना था, ऐसे लोगों में लोग और दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग हैं। उन्हें भर्ती नहीं किया गया तो फिर दूसरी बीमारियों से पीड़ित गंभीर रोगी कहां जाएंगे।

प्रदेश के 11 जिलों में इस तरह के कार्य होते हैं

अधिकारियों ने बताया, केंद्र सरकार ने पंजाब, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के 50 जिलाें के लिए इस उच्च स्तरीय बहु आयामी टीमों का गठन किया। इनको महाराष्ट्र के 30, छत्तीसगढ़ के 11 और पंजाब के 9 जिलों में भेजा गया है। एक टीम में दो सदस्य हैं। इनमें से एक चिकित्सक महामारी विशेषज्ञ और एक जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ है। यह टीम कोरोना टेस्ट, निगरानी और प्रतिबंध अभियान, को विभाजित उपयुक्त व्यवहार, अस्पताल में बिस्तरों की उपलब्धता, एकारेंस, वेंटिलेटर, मेडिकल ऑक्सीजन आदि की आपूर्ति और कोरोनाकैनीकरण की रिपोर्ट ले रही है।

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