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इस बार फाइलें घर ले जायें काम करेंगी: आवश्यक फाइलें व नस्तियों को घर ले जाने की अनुमति है ताकि काम पर लग सकें

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रायपुरएक घंटा पहले

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अब मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालय में भी वर्क फ्राम होम किया जाएगा। कर्मचारियों को कार्यालय नहीं आएगा। शुक्रवार से राजधानी लॉकडाउन लग रही है। इस कारण से अधिकारियों से कहा गया है कि वे आवश्यक फाइलें व नस्तियों को छांट लें। उन्हें घर ले जाओ काम करें। इसलिए जब तक काम पूरा हो सके। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से यह निर्णय लिया गया है।

जीएडी ने कर्मचारियों के लिए व्यवस्था तय की है। सचिव डीडी सिंह ने एक अप्रैल को मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालय में साप्ताहिक रोस्टर के हिसाब से 50 प्रति कर्मचारियों को दफ्तर आकर काम करने का आदेश जारी किया था। 9 अप्रैल की शाम छह बजे से 19 अप्रैल को शाम छह बजे तक राजधानी लॉकडाउन रहेगी। लिहाजा पुराने आदेश को बदलना पड़ा है। जीएडी सचिव ने अधिकारियों से कहा कि अपने विभाग के सभी तात्कालिक महत्व की नस्तियों को अलग कर लें। इसे अपने पास संभालकर रखें और समय पर कार्यवाही करें। वैसे कोरोना को लेकर आपदा विभाग और वित्त विभाग पहले भी लगातार काम करता रहा है। कारण, केंद्र से मिलने वाले निर्देश व आदेशों को पूरे प्रदेश तक पहुंचाना व उसके अनुसार व्यवस्था करना उनकी जिम्मेदारी है।

मुख्यालय नहीं जाएगा
कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें मंत्रालय या संचालनालय बुलाया जा सकता है। विभागीय सचिवों से भी अनुरोध किया गया है कि अपने विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को नियंत्रण में रखें, ताकि सरकारी काम बाधित न हों।

वर्क फ्रैम होम पर कर्मचारियों की राय अलग
वर्क फ्राम होम को लेकर कर्मचारियों का कहना है कि यह सुविधा केवल अधिकारियों के लिए है। वे पहले भी वर्क फ्रैम होम ही कर रहे थे। इस बार भी और बीते साल भी। चूंकि अफसर स्तर से नीचे का सारा काम अअली होता है, इस कारण से कर्मचारियों को दौड़-धूप करनी ही पड़ती है। आदेश, सर्कुलर व पत्रों पर हस्ताक्षर करवाने को भी उन्हें अफसरों के घर जाना ही पड़ेगा। इससे तो बेहतर होता है कि काम के घंटे तय कर रहे कर्मचारियों-अधिकारियों को मंत्रालय बुलाया जाता है।

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