Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

पीएम के साथ सीएम की चर्चा: छत्तीसगढ़ ने केंद्र से एक सप्ताह का एडवांस वैक्सीन मांगा, नया वैरियरोलॉजी जापान और 1000 बिस्तर आईसीयू के लिए मदद भी मांगी

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायपुर23 मिनट पहले

प्रधान ने मुख्य संसदीयें के साथ वर्ग बैठक में की परिस्थिति की समीक्षा की।

  • चिकित्सा उपकरणों और दवाओं पर जीएसटी की दर कम करने की भी मांग है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रदेशों के मुख्य कार्यकर्ताओं के साथ ऑफ़लाइन बैठक में कोरोना के हालात की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें छत्तीसगढ़ में कोरोना की स्थिति और सरकार की ओर से हस्तक्षेप के उपायों की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री से एक सप्ताह की जरूरत का वैक्सीन एडवांस में भेजने की मांग रखी है। मुख्यमंत्री ने कहा, इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में वैक्सीनेशन में आसानी से होगा।

मुख्यमंत्री ने कोरोना के उपचार में उपयोग की जाने वाली दवाओं और उपकरणों पर जीएसटी की दर कम करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे इलाज के दौरान कोरोनाटे रोगियों के आर्थिक भार कम होंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 4 वायरल उद्योगों, एक बीएसएल -4 उद्योग की स्थापना और 1000 बिस्तरों के आईसीयू की स्थापना के लिए केंद्रीय मदद का अनुरोध भी किया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी। पिल्ले आदि शामिल थे।

रेमदेसीवीर इंजेक्शन का भी मामला उठा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में कोरोना के इलाज में इस्तेमाल हो रहा है रेमदेवीर इंजेक्शन का भी मामला उठा। राज्य में इसकी किल्लत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने राज्य की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए रेमदेसीवीर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर की निरंतर आपूर्ति करने की मांग की है।

टीकाकरण भी हुई बात

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री को बताया, छत्तीसगढ़ में 87 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 84 प्रतिशत एयरलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 43 प्रतिशत लोगों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। राज्य में 7 अप्रैल तक 33 लाख 61 हजार वैक्सीन डोज दी जा चुकी है।

रोज हो रहे टेस्ट की भी जानकारी साझा की

सरकार ने बताया, अप्रैल महीने में प्रतिदिन औसतन 39 हजार कोरोना जांच हो रही है। प्रदेश में अभी तक 7 सरकारी प्रयोगशालाएं और 5 निजी प्रयोगशाला में आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। राज्य में 4 नई सरकारी आरटी-पीसीआर प्रयोगशाला महासमुंद, कांकेर, कोरबा और कोरिया में स्थापित की जा रही हैं। इसके साथ ही 31 सरकारी और 5 निजी प्रयोगशालाओं में ट्रू नॉट जांच की सुविधा उपलब्ध हैं।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: