Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

कोरोना में फिर वर्ग परीक्षण: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 7 अप्रैल से लागू होगी व्यवस्था, निचली अदालतों में आज से मनोरंजक सत्र की सुनवाई

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बिलपुरएक घंटा पहले

  • (*7*)
  • कॉपी लिस्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मामलों की सुनवाई के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिया है।

  • हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किए आदेश, रोस्टर के अनुसार अलग-अलग-अलग निर्धारित होंगे
  • अधिवक्ता से भी कहा गया है कि कोर्ट तभी आएं जब केस फाइल करना हो या उनके मामले की सुनवाई हो

छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना संक्रमण का साया एक बार फिर हाईकोर्ट और निचली अदालतों में होने वाली सुनवाई पर पड़ा है। हाईकोर्ट में अब बुधवार (7 अप्रैल) से मामलों की ट्रायल क्लास यानी अनलिमिटेड होगी। हाईकोर्ट परिसर में भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए कहा गया कि अधिवक्ता भी तभी आते हैं, जब उनके मामले की सुनवाई हो या मामले में सुनवाई हो। वहीं निचली अदालतों में भी मंगलवार से रोटेशन के आधार पर सुनवाई होगी।

बिलासपुर हाईकोर्ट में रोस्टर के तहत आवश्यकता के अनुसार, शेफ जस्टिस की ओर से परीक्षण के लिए अलग-अलग बेंच की आवश्यकता होगी। वहीं काउंटर के माध्यम से नई फाइलिंग यानी नई याचिकाएं और अपील दायर की जा सकती हैं। किसी विशेष बेंच के समक्ष सूचीबद्ध होने वाले मामलों की संख्या संबंधित बेंच की ओर से ही तय होगी। मामले की तत्काल सूची के लिए उल्लेख पर्ची न्यायिक रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या भी न्यूनतम होगी
हाईकोर्ट ने भीड़ से बचने के लिए अधिवक्ता से भी अपील की है। रेज्रार जनरल की ओर से कहा गया है कि अधिवक्ता न्यायालय परिसर में तभी आते हैं, जब उन्हें याचिकाएं लगनी हो या फिर या उनका कोई मामला किसी न्यायालय में सूचीबद्ध हो। अधिकारियों और कर्मचारियों की भी न्यूनतम संख्या रखने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि संख्या और जरूरत को देखते हुए इसका निर्णय अनुभाग और प्रशासन के प्रमुख करेंगे।

सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही काम होगा

  • बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर जिला न्यायालय में मंगलवार (6 अप्रैल) से रोटेशन के आधार पर मामलों की सुनवाई होगी।
  • जिला और सत्र न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, विशेष न्यायाधीश (औद्योगिक न्यायालय), (श्रम न्यायालय) में नए मामलों की फाइलिंग जारी रहेगी।
  • बिलासपुर सहित दुर्ग, रायपुर जिला न्यायालय में उच्च न्यायिक सेवा के दो और निम्नलिखित न्यायिक सेवा के 4 न्यायालय ही रोटेशन के आधार पर सुनवाई होगी।
  • अन्य स्थानों में 50 उच्च न्यायिक सेवा और 50 निम्नलिखित न्यायिक सेवा के न्यायालय को रोटेशन के आधार पर कार्य करने की अनुमति दी गई है।
  • निचली अदालतों में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक केवल मामलों की सुनवाई होगी। जमानत और रिमांड मामलों में न्यायालय पूर्व निर्धारित समय तक खुला रहेगा।
  • परीक्षण के लिए केसों की संख्या कोर्ट तय करेंगे। साथ ही इस बात का भी ध्यान रहेगा कि कम से कम भीड़ हो। कम से कम स्टाफ हो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए।

कंटनमेंट जोन में आने पर सिर्फ परीक्षणों केसों की सुनवाई होगी
कोर्ट परिसर या क्षेत्र कोथिशनमेंट घोषित किया जाता है तो कोर्ट कम से कम स्टाफ और रोटेशन के आधार पर काम करेगा। ऐसे में सिर्फ न्यायालय केसों की ही सुनवाई होगी, जो कोर्ट तय करेगा। रिमांड और बेल मामलों की सुनवाई में बंद के दौरान कर्मचारी और अफसर वर्क फ्रॉम होम करेंगे। जरूरत पड़ेगी तो कोर्ट को बुलाया जाएगा। कोई भी अधिकारी और कर्मचारी हेडक्वार्टर नहीं छोड़ सकेगा। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, केंद्र और राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करना होगा।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: