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असर ऐसा होना

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भिलाई3 मिनट पहले

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बीएसपी के अंदर स्थित कैंटीन के पास का नजारा, जहां प्रोडक्शन के दौरान श्रमिक सोशल डिस्टेंसिंग ही भूल गए थे। आसपास खड़े देखा गया।

  • कोरोना को लेकर जारी नियम व शर्तों का पालन कर उत्पादन जारी रखा

बीएसपी में प्लांट के अंदर लॉक डाउन का पहला दिन बेअसर रहा। प्लांट में उपलब्धियाँ सामान्य दिनों की तरह होती रही हैं। पहली पाली में उत्पादन भी सामान्य ही रहा। लेकिन बीएसपी के सहायक उद्योगों के साथ-साथ अन्य उद्योगों में लॉक डाउन का व्यापक असर नजर आया। कर्मियों की उपस्थिति कम थी। जिसके कारण उत्पादन भी 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ।

जिला प्रशासन ने भले ही बीएसपी प्रबंधन को कर्मियों की ड्यूटी रोस्टर पद्धति से करवाने के साथ ही उत्पादन को भुकर आधा करने का निर्देश दिया है, लेकिन लॉक डाउन के पहले दिन प्लांट में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया। सब कुछ सामान्य दिनों की तरह चले गए। मिल से लेकर शाप्स क्षेत्र में उत्पादन भी अन्य दिनों की तरह सामान्य तरीके से होता है। बताया गया कि प्लांट के 500 से अधिक कर्मी कोरोना संक्रमण होने की वजह से पहले ही अवकाश में जा रहे हैं।

कैंटीन में नहीं गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है, अब तक किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है, इसलिए लगातार बढ़ रहे हैं
प्लांट में कर्मियों के चाय-नाश्ते के लिए 45 से अधिक कैंटीनें संचालित होती हैं। पिछले बार के लॉक डाउन में सभी कैंटीनों को बंद रखा गया था। इस बार भी प्रबंधन कैंटीनों को बंद करने की तैयारी में था लेकिन कई विभाग प्रमुख इसके पक्ष में नहीं थे। परिणामजा लॉक डाउन के दौरान भी कैंटीनों को संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया। हालांकि संचालकों को इस दौरान जिला प्रशासन के गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन मंगलवार को ऐसे किसी तरह की व्यवस्था नहीं दिखाई जाएगी।]

अभी इनटेंसेंस शुरू होने में अभी समय लगेगा
लॉकडाउन लागू होने के एक दिन पहले बीएसपी प्रबंधन ने विभिन्न मिलों और सड़कों पर अनंतकाल में लेने का शेड्यूल बनाया। एक साथ सभी मिल और शाप्स को मेंटेनेंस में नहीं लिया जा सकता है। क्योंकि गैस का उत्पादन लगातार होता रहता है, जिसका खपाया जाना भी आवश्यक है। ऐसे में मेंटेनेंस का कार्य भी शुरू होता है। वर्तमान में 3 से 5 दिन लगेंगे। तब तक ये मिलों और शापों में उत्पादन सामान्य तरीके से रहेगा। प्रबंधन ने एसएमएस -2, एसएमएस -3, मर्चेंट मिल में 10 दिनों के लिए मेंटेनेंस में लेने का निर्णय लिया है।

पुलिस की कार्रवाई के डर से नहीं पहुंचे सहायक उद्योगों में कार्यरत मजदूर व अन्य
बीएसपी के विपरीत लॉक डाउन का असर उसके सहायक और अन्य लगभग 300 उद्योगों को दिखा रहा है। इन उद्योगों में काम करने वाले श्रमिक पुलिस कार्रवाई के खौफ से काम पर नहीं पहुंचे। जिसके कारण ज्यादातर उद्योगों में लॉक डाउन के पहले दिन उपस्थिति 40 से 50 प्रतिशत तक कम रही। एमएसएमई एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरविंदर सिंह खुराना ने कहा कि आदेश भले ही दिया गया है, पर मजदूरों में पुलिस का डर है।

प्लांट के भीतर टीकाकरण अभियान की हुई शुरुआत
बीएसपी ने जिला प्रशासन के सहयोग से संयंत्र के भीतर 6 अप्रैल को 2 टीकाकरण केंद्र शुरू किया। इनमें से मेन गेट के पास स्थित मेन मेडिकल पोस्ट और प्लांट बिल्डिंग के पास स्थित ऑकेशनल हेल्थ सेंटर शामिल है। इन केंद्रों में कुल 6 वैक्सीनेशन काउंटर बनाए गए हैं।

जहां जिला प्रशासन द्वारा वेक्सीनेटर और वैक्सीन उपलब्ध कराया जाएगा और इसके समन्वय और नैदानिक ​​देखरेख व अन्य कार्यालयीन कार्यों के लिए बीएसपी द्वारा चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ एवं अन्य कार्यालयीन स्टाफ उपलब्ध कराया गया है। मंगलवार को इन केंद्रों के जिला कलेक्टर डाॅ सर्वेश्वर नरेन्द्रुर व एसपी प्रशांत ठाकुर ने निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पहले दिन 293 ने टीका लगाया।

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