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मिट् टीटी सत्याग्रह: छत्तीसगढ़ के कॉनेल, सोनाखाना, दल्ली राजहरा और बस्तर से किसानों ने ली किसान स्मारक के लिए मिट् टी, कल दिल्ली जाने वाले जत्थे को सौंपेंगे।

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रायपुर4 घंटे पहले

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छत्तीसगढ़ में किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ से जुड़े नेता मिट् टी सत्याग्रह कर रहे हैं। इसके तहत आज दल्ली राजहरा स्थित मजदूर आंदोलन में दिव्यांगों के स्मारक से भी मिट् टीटी ली गई।

  • दिल्ली की सीमाओं पर बने जाने पर आंदोलन में दिव्यांग किसानों का स्मारक है
  • पिछले चार महीनों से चल रहे आंदोलन में 300 से अधिक किसानों की मौत हुई है

छत्तीसगढ़ में किसानों का मिट्ठटी सत्याग्रह जारी है। छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के प्रमुखों ने आज भी छत्तीसगढ़ के बलिदानी स्मारकों से मिट्ठ का संग्रह किया। किसान छत्तीसगढ़ में सोनाखान, कॉनेल, तमोरा, दल्ली राजहरा, बस्तर और नगरी-सिहावा से मिट् टीटी को दिल्ली ले जाएगा। इसका इस्तेमाल दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन के दौरान दिव्यांग किसानों का स्मारक बनाने में होगा।

किसान नेताओं ने आज धातरी के कोनेल गांव से स्मारक के लिए मिट् टीटी ली। इस स्थान पर 1920 में अंग्रेज सरकार के खिलाफ नहर सत्याग्रह हुआ था। इसकी वजह से पहली बार महात्मा गांधी भी छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। मिट्टी सौंपने के दौरान किसान नेता और अधिवक्ता शत्रुघन साहू ने कहा कि यह सत्याग्रह की मिट् टी है। यहां के ग्रामीणों के संघर्ष ने गांधी जी को भी कंडेल आने के लिए प्रेरित किया था। उधर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विराहेही, पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर आदि ने दल्ली राजहरा में मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी और आंदोलन के दौरान दिव्यांग 12 किसानों के स्मारक के पास मिट् टी इकट्ठे हुए।

किसान नेताओं ने शनिवार को सोनाखान स्थित शहीद वीर नारायण सिंह के स्मारक के पास से मिट् टी ली।

किसान नेताओं ने शनिवार को सोनाखान स्थित शहीद वीर नारायण सिंह के स्मारक के पास से मिट् टी ली।

किसान नेताओं ने शनिवार को 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम के राजकुमार शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि सोनेखान से मिट् टी ली थी। उसी दिन तमोरा गांव से भी मिट् टी संग्रहित की गई। इस स्थान पर अंग्रेजों के खिलाफ कभी जंगल सत्याग्रह हुआ था। इन स्थानों से संग्रहित मिट् टीटी को आज राजिम में रखा गया है। किसानों के अलग-अलग जत्थे बस्तर में अंग्रेजों के खिलाफ पहले आदिवासी विद्रोहों में शुमार भूमध्य आंदोलन से जुड़े शहरों से मिट्् टी इकट्ठे कर रहे हैं। वहीं नगरी-सिहावा से भी किसानों के संगठन ने मिट् टी इकट्ठी की है।

कल सुबह रायपुर-बिलासपुर पहुंचेगी मिट्घटी

आंदोलन से जुड़े स्थानों से इकट्ठे हुए छत्तीसगढ़ की बलिदानी मिट् टीटी कल रायपुर में इकट्ठे की जाएगी। छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के नेताओं ने बताया, 5 अप्रैल को दोपहर 12 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन पर तेजराम विद्रोही, मूलचंद साहू, रतन गोंडाने, रेखा गोंडाने और सरस्वती गोंडाने को यह मिट् टीटी सौंपी जाएगी। बिलासपुर स्टेशन पर श्याम मूरत कौशिक के नेतृत्व में वहाँ सभाई गई मिट् टीटी सौंपी जाएगी। यह मिट्टी 06 अप्रैल को सिंघु बार्डर पहुंचेगी।

स्मारक के लिए मिट्त्टी सत्याग्रह

किसान नेता तेजराम विद्रोही ने बताया, दिल्ली की सीमाओं पर पिछले चार महीनों से किसान तीन कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान 300 से अधिक किसानों की जान जा चुकी है। तय हुआ था कि दिल्ली के सिंघु, टीकरी, गाजीपुर, शाहजहाँपुर और पलवल बार्डर पर शहीद किसानों को स्मारक बनाया जाएगा। इसके लिए देश भर के अँदोलन और शहादत से जुड़े स्थलों की मिट् टीटी इकट्ठी हुई की जा रही है। इसकी शुरुआत 30 मार्च को गुजरात के दांडी से हुई है।

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