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विवादों में अंबिकापुर सेंट्रल जेल: खाद्य सामग्री के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप; कलेक्टर ने दी जांच के आदेश, एक सप्ताह में पूछी गई रिपोर्ट

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अंबिकापुर20 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सेंट्रल जेल में खाद्य सामग्री के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। इसके बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

  • टेंडर प्रक्रिया में किसी विशेष को लाभ पहुंचाने की शिकायत, आरटीआई से पूछी गई जानकारी भी नहीं दी गई
  • वर्ष 2020-21 के टेंडर में गड़बड़ी करने का आरोप है, डिप्टी कलेक्टर की छाप में जांच होगी

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित सेंट्रल जेल में एक बार फिर विवादों में है। इस बार केंद्रीय कारागार प्रशासन पर बंदियों के लिए जाने जाने वाली खाद्य सामग्री के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर शिकायतकर्ता ने आरटीआई से सूचना भी मांगी थी, लेकिन उन्हें नहीं दिया गया। शिकायत में किसी विशेष को लाभ पहुंचाने की बात कही गई है। इसके बाद सरगुजा कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

दरअसल, अंबिकापुर सेंट्रल जेल में साल 2020-21 में खाद्य सामग्री का टेंडर हुआ था। इसके संबंध में शिकायतकर्ता ने आरटीआई लगाकर जानकारी मांगी है। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब सूचना नहीं मिली तो उसने सूचना आयोग में अपील की है। एक शिकायत जिला प्रशासन को देते हुए आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। शर्तों के अनुसार अमानत राशि प्रस्तुत की जानी चाहिए, उतनी तीकार ने नहीं दी थी।

जेल अधीक्षक पर काफी बढ़ाकर एग्रीमेंट करने का भी आरोप लगाया
वहाँ शिकायत में यह भी कहा गया है कि जो टेंडर आया था, उनके सही या गलत होने के संबंध में कोई जांच नहीं की गई। जेल अधीक्षक इस जांच समिति के अध्यक्ष थे, उनके द्वारा यह जांच की जानी थी। साथ ही बढ़ी हुई दर पर एग्रमेंट किया गया है। इसके पहले शासन ने कोविड -19 के दौरान आम नागरिकों के लिए जो दर लागू की थी, उसी केंद्रीय जेल में भी लागू होती है। जबकि व्यक्ति विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए गड़बड़ी की गई है।

सरगुजा कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं
शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा कलेक्टर संजीव झा ने डिप्टी कलेक्टर की पैठ में एक जांच टीम का गठन किया। इसमें ट्रेजरी अफसरों के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी शामिल हैं। उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया है कि वह सभी दस्तावेजों की जांच करें अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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