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बिलासपुर में घूसखोरी ने ली किसान की जान: पेड़ से फंदा लगाकर की खुदकुशी, सुसाइट नोट में लिखा- पटवारी ने 5 हजार रु। लेने के बाद भी नहीं किया जमीन की पर्ची

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बिलपुर2 घंटे पहले

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  • आरोपी पटवारी सस्पेंड हुआ और गिरफ्तार भी, आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा
  • तखतपुर क्षेत्र के ग्राम राजा कापा का मामला, प्रताड़ना से तंग आकर उठाया कदम
  • जमीन की पर्ची खो गई थी, उसे बनवाने के लिए 6 महीने से लगा दिया गया था पटवारी के चक्कर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक किसान ने प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर ली। उसका शव शुक्रवार को पेड़ से लटकता मिला है। पुलिस ने किसान के घर से एक औसाइड नोट भी बरामद किया है। इसमें लिखा है कि पटवारी ने जमीन की खो गई पर्ची बनवाने के लिए 5 हजार रुपए की मांग की थी। रुपए देने के बाद भी वह 6 महीने से चक्कर लगा रहा था। इसके कारण वह जमीन की रजिस्ट्री नहीं कर सका। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है। उधर, मामले की जानकारी के बाद एसडीएम ने आरोपी पटवारी उत्तम प्रधान को सस्पेंड कर दिया। वहीं पुलिस ने आरोपी पटवारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

छोटू राम की पत्नी ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 5 बजे वह घर से निकलकर बाड़ी में गई थी।  थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी चाय लेकर पहुंची तो छोटू का शम गमछे के सहारे पेड़ से लटक रही थी।

छोटू राम की पत्नी ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 5 बजे वह घर से निकलकर बाड़ी में गई थी। थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी चाय लेकर पहुंची तो छोटू का शम गमछे के सहारे पेड़ से लटक रही थी।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम राजा कापा निवासी छोटू राम कैवर्त को अपनी जमीन की 31 मार्च तक रजिस्ट्री करानी थी। उसकी जमीन की पर्ची खो गई थी। जिसे बनने के लिए लगभग 6 महीने से पटवारी के चक्कर लगाया जा रहा था। आरोप है कि लगभग डेढ़ महीने पहले पटवारी ने उसे 5 हजार रुपये भी दिए थे, लेकिन फिर भी पर्ची बनाकर नहीं दी गई। जिसके कारण निश्चित समय बीत गया और वह रजिस्ट्री नहीं कर पाई। इसके बाद शुक्रवार सुबह उसका शव मिला।

छोटू राम राजकापा में अपनी 70 डिसीमल जमीन बेचकर बहुरता खार में अपने खेत के पास जमीन लेना चाहते थे। इसके लिए उसने निगारबन्द के एक व्यक्ति से सौदा तय कर लिया था। रजिस्ट्री के लिए ऋण पुस्तिका की आवश्यकता थी जो कि गुम हो गयी थी। ऋण पुस्तिका बनने के लिए पटवारी उत्तम प्रधान से डेढ़ महीने पहले मिले तो उन्होंने पांच हजार लगने की बात कही। छोटू ने पांच हजार दे भी दिए लेकिन पटवारी ने ऋण पुस्तिका मेकर नहीं दी। इसके कारण उसकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो रही थी। पटवारी से बार-बार संपर्क करने पर वह गोल-मोल जवाब देता रहा लेकिन ऋण पुस्तिका मेकर नहीं दी। इससे क्षुब्ध होकर छोटू ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

सामान रखने वाले कैरोट से पुलिस ने यूसाइड नोट भी बरामद कर लिया है।  इसका लिखा है कि वह पटवारी से तंग आ गया था।

सामान रखने वाले कैरोट से पुलिस ने यूसाइड नोट भी बरामद कर लिया है। इसका लिखा है कि वह पटवारी से तंग आ गया था।

पत्नी सुबह चाय लेकर पहुंची तो बाड़ी में मिला शव
छोटू राम की पत्नी ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 5 बजे वह घर से निकलकर बाड़ी में गई थी। थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी चाय लेकर पहुंची तो छोटू का शम गमछे के सहारे पेड़ से लटक रही थी। वहीं सामान रखने वाले कैरोट से पुलिस ने यूसाइड नोट भी बरामद कर लिया है। इसका लिखा है कि वह पटवारी से तंग आ गया था। 5000 रुपए लेने के बावजूद उसके काम नहीं कर रहा था। अपने बेटे के लिए लिखा है कि अपनी मां और बहन का ख्याल रखता है।

दो बेटे और एक बेटी, तीनों की हो चुकी है शादी

जानकारी के मुताबिक, छोटू राम के दो बेटे और एक बेटी है। तीनों की शादी हो चुकी है। छोटू ने खुद के लिए ध्यान दें। साथ ही अपने बड़े बेटे रज्जू को संबोधित करते हुए लिखा है ‘रज्जू, अपनी अम्मा को बहुत प्यार और दुलार करना।’

वहीं, पिता की मौत के बाद रज्जू ने बताया कि जमीन बेचनी थी। उसके कागज गुम हो गए थे। इसके लिए पटवारी से बाबूजी ने संपर्क किया। पहले तो कई महीने चक्कर लगवाता रहा, फिर 5 हजार रुपए भी दिए गए। इसके बाद पटवारी और रुपए की मांग थी। फिर बोला कि ऑफ़लाइन होगा, तहसील जाना संपर्क करो। उन्होंने (पटवारी) बाबूजी को परेशान कर दिया था।

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