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छत्तीसगढ़ में फूटा सियासत का लेटर बम: सरकार ने अफसर पर नहीं की कार्रवाई तो कांग्रेस विधायक ने सोनिया गांधी को लिख दी चिट्ठी, कहा – जनाधार प्रभावित होगा

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रायपुर13 मिनट पहले

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कांग्रेस की अनिता शर्मा धरसीवां से पहली बार विधायक बने गए हैं। वे विधानसभा में भी क्षेत्र के मुद्दों को लेकर मुखर हैं।

  • पंचायत विभाग के अफसर अशोक चतुर्वेदी पर लगाए गए भ्रष्टाचार का आरोप
  • पिछली सरकार में पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी थे चतुर्वेदी, विवादित भी रहे

छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी कांग्रेस की सरकार सियासत में एक बार फिर गर्म होती दिख रही है। कांग्रेस की निर्दलीय विधायक अनीता शर्मा ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अफसर अशोक चतुर्वेदी पर कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की है। विधायक ने लिखा है कि भ्रष्ट अफसर पर कार्रवाई और उन्हें संरक्षण देने वालों की पहचान नहीं हुई तो कांग्रेस का जनाधार और लोकप्रियता प्रभावित हो सकती है।

मामला पाठ्य पुस्तक निगम में सेन भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। सोनिया गांधी को लिखित पत्र में अनिता शर्मा आरोप लगाया गया है कि अशोक चतुर्वेदी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में दोड़ाें का भ्रष्टाचार हुआ। टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता हुई। ब्लैक लिस्टेड फर्मों को काम दिया गया। स्वेच्छानुदान के नाम पर लाखों रुपये अपात्रों को दे दिए गए जिनका शैक्षणिक समर्थन से कोई संबंध ही नहीं था। उनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरोंस में मामला दर्ज किया गया है। मामला सामने आने के बाद सरकार ने नवंबर 2019 में उनकी सेवाएं पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को वापस लौटा दी थीं। अशोक चतुर्वेदी अब ग्रामीण कौशल विकास योजना के राज्य प्रबंधक और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक पद पर काम कर रहे हैं। उनके इन पदों कागर मिलने से ही बात भड़की हुई है।

पत्र में अनिता शर्मा ने बताया है, उसके बाद चतुर्वेदी ने सरकार के खिलाफ उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं रखी हैं। उन्होंने 2015 से 2019 के बीच पाठ्य पुस्तक निगम में हुई, टेंडर प्रक्रिया, स्वेच्छानुदान आदि की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी उठाई है। कांग्रेस विधायक ने लिखा है, भाजपा शासन में भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारी को कांग्रेस शासनकाल में भी महत्वपूर्ण पद मिलना जनता के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। प्रदेश की ही नहीं सरकार और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की छवि भी खराब हो रही है। इसका सीधा असर कांग्रेस और कांग्रेस सरकार की लोकप्रियता पर पड़ रहा है। विधायक ने लिखा है कि अशोक चतुर्वेदी को महत्वपूर्ण पद पर देखकर कांग्रेस के निष्ठावानमनी कार्यकर्ताओं के मन में वेदना हैं। इसका समाधान सिर्फ आपके माध्यम से ही हो सकता है।

भाजपा नेताओं से मिलीभगत का आरोप भी

विधायक अनीता शर्मा ने इस मामले में भाजपा नेताओं के भी शामिल होने की बात लिखी है। उन्होंने बताया, भाजपा नेता देवजी भाई पटेल जब धरसीवां के विधायक थे उस समय अशोक चतुर्वेदी धरसीवां जनपद पंचायत के सीईओ थे। बाद में जब पैट को पाठ्य पुस्तक निगम का अध्यक्ष बनाया गया तो उन्होंने नियमों को दरकिनार कर अशोक चतुर्वेदी को प्रबंधित संज्ञा बना दिया। जबकि यह पद प्रथम श्रेणी के अधिकारी के लिए सुरक्षित था।

कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना

कांग्रेस सूत्रों का मानना ​​है कि इस पत्र के जरिये कहीं और निशाना लगाया गया है। क्षेत्रीय राजनीति में देवजी भाई पटेल अभी भी पहुँचसीवां क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके लोगों को कांग्रेस सरकार में भी मलाईदार पोस्ट पर होने से अनिता शर्मा की स्थिति क्षेत्र में थोड़ी कमजोर होती दिख रही है। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास के मामले की शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंची। इन मुद्दों पर अधिसूचना के लिए विधायक अनिता शर्मा से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठ रहा है।

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