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अब मिट् टीटी सत्याग्रह: छत्तीसगढ़ की बलिदानी मिट् टीटी से दिल्ली सीमा पर बनेगा दिव्यांग किसानों का स्मारक, सोनेखान, कोनेल, दल्ली राजहरा और बस्तर तक से मिट् टीटी जाएगा।

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रायपुर7 घंटे पहले

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छत्तीसगढ़ के किसान भी दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल हैं। यहाँ से सैकड़ों किसानों का जत्था और प्रस्थान हुआ था। महीनों बाद भी बार्डर पर छत्तीसगढ का खेमा लगा हुआ है।

  • किसान कल से शुरू करेंगे मित्ते लेने का काम
  • 05 अप्रैल को ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे

दिल्ली की सीमाओं पर पिछले चार महीनों से जारी किसान आंदोलन ने छत्तीसगढ़ में फिर से जोर पकड़ना शुरू किया है। किसानों ने अब यहाँ mithhT सत्याग्रह शुरू किया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ की बलिदानी मिट् टी को किसान दिल्ली ले जाएगा। इस मिट्टी का इस्तेमाल दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन के दौरान दिव्यांग किसानों की स्मारक बनाने में होगा। किसान नेता इसे शहीद किसानों का स्मारक कह रहे हैं।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ संयोजक मंडल के तेजराम विद्रोही ने बताया, किसान संघर्ष समन्वय समिति दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन का केंद्र बने सिंघु, टीकरी, गाजीपुर, शाहजहांपुर और पलवल में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों का स्मारक बनाना चाहती है। इसके लिए देश भर से मिट् टीटी जुटाई होनी है। 30 मार्च को इसकी शुरुआत गुजरात के दांडी से मिट् टी लेने के बाद मिट् टीटी सत्याग्रह की शुरुआत हुई है। देश भर से आंदोलन और बलिदान का केंद्र होने के स्थानों से मिट्टी के बारे में किसान 6 अप्रैल को सिंघु बार्डर पहुंचेंगे।

विद्रोही ने बताया, छत्तीसगढ़ में वे लोग कल दोपहर 12 बजे सोनेखान से मिट्टी लेंगे। यह 1857 में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम वीर नारायण सिंह की जन्म स्थली है। शाम 4 बजे तमोरा से मिट्टी ले जाएगी जहां 1930 में अंग्रेजों के खिलाफ जंगल सत्याग्रह हुआ। रविवार को दोपहर 12 बजे दल्ली राजहरा शहीद स्थल से मिट्टी जाएगी। यहां सरकार की नवउदारवादी नीतियों के विरोध करने वाले मजदूर पुलिस दमन का शिकार करने वाले थे। उसी दिन शाम 04 बजे धमतरी जिला के कोनेल से मिट्टी जाएगी। यहां किसानों ने 1920 में नहर सत्याग्रह किया था। दूसरे साथी 1920 में बस्तर में हुए भूमध्यसागरीय स्थलों के स्थलों से मिट्ठा एकत्र हो जाएगा। नगरी-सिहावा से भी मिट् टीटी आएगी।

राजिम में इकट्ठे होंगे, फिर रायपुर आएगी

किसान नेताओं ने बताया, सोनेखान, तमोरा, कोनेल, और दल्ली राजहरा की मिट् टीटी चार अप्रेल की शाम तक राजिम पहुंच जाएगी। यह राजिम में रखा जाएगा। पांच अप्रेल को सुबह 9 बजे तक सभी लोग रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। यहीं पर जगदलपुर और नगरी-सिहावा के किसान अपने यहाँ से लाई मिट् टीटी भी सौंपेंगे। किसान नेता तेजराम विद्रोही और मूलचंद साहू इस मिट् टीटी को लेकर ट्रेन से दिल्ली रवाना होंगे।

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