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बेकाबू हुआ कोरोना: कोरोना से मां-बेटे की मौत, शादी की तैयारी में जुटा था परिवार, पिता आईसीयू भर्ती

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अंबिकापुर7 मिनट पहले

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  • शहडोल से लौटा परिवार था, इसके बाद बीमार हो गया
  • शादी व दूसरे कार्यक्रम की तैयारी में जुटे लोग दिख रहे हैं बेपरवाह

कोरोना के संक्रमण की बाधाओं तेज हो गई है और पहले से कोरोना का वायरस अधिक खतरनाक साबित हो रहा है। कोरोना से सूरजपुर जिले के भटगांव में एक ही परिवार के तीन लोगों को अपने चपेट में लिया और मां बेटे की मौत हो गई। युवक की सगाई हो चुकी है। मां व जवान बेटे की जहां मौत हो गई वहीं युवक का पिता रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत भी नाजुक बताई जा रही है।

भटगाँव के कोल माइंस कालोनी निवासी विजय विश्वकर्मा अपने बेटे सावन विश्वकर्मा और पत्नी सावित्री के साथ अपने घर ग्राम शहडोल गए थे, जहां से घूमने के लिए देवी धाम मैहर चले गए। इसके बाद ही सावन की तबीयत बिगड़ी, बताया जा रहा है कि उसे फीवर आया तो कोरोना जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर रेफर किया गया, लेकिन वहां मौत हो गई। इस बीच उसके माता पिता की भी कोरोना जांच कराई गई तो उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। उन्हें भी अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया, लेकिन इस दौरान सावित्री ने भी दम तोड़ दिया। दूसरी ओर विजय कुमार विश्वकर्मा को अस्पताल में भर्ती हैं।

चैन्नई में रहता था सावन कुछ दिन पहले लौटा था

सावन चेन्नई में रहता था और कुछ दिन पहले ही आया था और उसके साथ तीनों मध्यप्रदेश के शहडोल गए थे। विजय अपनी बेटियों का विवाह कर चुके थे और सावन की शादी की तैयारी में लगे थे। विजय दो साल बाद रीसेट होने वाले हैं। माना जा रहा है कि कोरोना के साथ बेटे की मौत के स्ट्रेस ने भी सावित्री को कमजोर कर दिया था, जिसके कारण उन्हें तुरंत बचाया जा रहा था।

दो लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल

सबसे पहले युवक की जान गई। स्वास्थ्य विभाग का अनुमान है कि वह चेन्नई से आते समय अस्थिर हुआ और उसके कारण उसके माता पिता भी चपेट में आ गए। हालांकि यह महज अनुमान है। माँ व बेटे की मौत से भटगाँव में लोग दहशत में है, लेकिन इसके बाद भी इलाके में लोग कोरोना संक्रमण के लिए बने बचाव के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं ।भाद रहने के बीच लोग बरत रहे लापरवाही

संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कोरोना संक्रमण को अभी भी नहीं मान रहे हैं और वे सोशल डिस्टेंस, वर्क व क्लीन क्लीयरेंसिटी से नहीं ले रहे हैं। भ्रम है कि सामान्य सर्दी खासी व बुखार को भी जांच रिपोर्ट में कोरोना बता दिया जा रहा है और यही कारण है कि लोग जांच कराने से बच रहे हैं और संक्रमण तेजी से लोगों को अपने चपेट में ले रहा है।

शहर में कोरोना के 100 नए रोगी मिले

शहर सहित जिले में कोरोना के 100 नए मरीज मिले हैं। पिछले कुछ महीनों में ये सबसे ज्यादा मरीज मिले। चेतों में अम्बिकापुर, मैनपाट, लाकपुर, सीतापुर सहित अन्य परिवारों के शामिल हैं। जिले में कोरोना के नए मामले अब 3.77 प्रतिशत की दर से मिल रहे हैं। यानी सौ लोगों में हर चौथा व्यक्ति स्वभाव मिल रहा है।

लोग जांच करते हैं और सतर्कता बरतें

कोरोना को रोकने से इससे बचने की जरूरत है। नाइट कर्फ्यू से लोगों में यह भावना आगी कि अभी कोरोना है इससे लोग दिन में भी निकलते समय सावधानी बरतेंगे। लोग ज्यादा से ज्यादा जांच करते हैं। संक्रमण होने पर नियमों का पालन करें। हमारी तैयारी पूरी है। -डा। पीएस सिसोदिया, सीएमएचओ, सरगुजा

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