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हत्याकांड में निर्णय का दिन: चिरचित अभिषेक मिश्रा हत्याकांड का फैसला कल, फिल्मी शैली में हुआ था, दादा जी,

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भिलाई14 मिनट पहले

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फाइल फोटो। प्रदेश का चिरचित हत्याकांड, अभिषेक मिश्रा हत्याकांड में कल दुर्ग न्यायालय सुनाएंगा अपना फैसला।

  • छत्तीसगढ़ में शिक्षा जगत के नामी आई.पी. मिश्रा के बेटे की हुई निर्मम हत्या थी
  • आरोपियों न जिंदा ही दफना दिया गया था,

छत्तीसगढ़ के भिलाई का हाईप्रोफाइल अभिषेक मिश्रा हत्याकांड में फैसला 31 मार्च को होना चाहिए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव फैसला सुनाएंगे। वर्ष 2015 नवंबर को अभिषेक मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।

दुर्ग न्यायालय में अभिषेक मिश्रा हत्याकांड का फैसला कल,

दुर्ग न्यायालय में अभिषेक मिश्रा हत्याकांड का फैसला कल,

फिल्मी स्टाइल में हुई थी हत्या

भिलाई में हुुआ बहुचर्तित अभिषेक मिश्रा हत्याकांड किसी हिंदी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। वर्ष 10 नवंबर 2015 की शाम पूरे देश में पहचान रखने वाले शंकराचार्य के कालेज के चेयरमेन आईपी मिश्रा के इकालौते पुत्र अभिषेक मिश्रा का अपहरण हुआ। हाईप्रोफाइल इस मामले ने पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी। पुलिस ने भी इसे हल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। यही कारण था कि पूरे देश के लगभग एक करोड़ मोबाइल फोन्स की डिटेल खंगालने के बाद पुलिस की निगाह भिलाई में रहने वाले सेक्टर -10 निवासी विकास जैन के ऊपर आ टिक गई थी।

लगभग 45 दिन बाद मिला था

पुलिस ने जब कॉल डिटेल को आधार बनाकर पूरी जांच शुरू की तो घटना के लगभग 45 दिन बाद आरोपी विकास जैन के चाचा अजीत की स्मृति नगर निवास पर बगीचे में अभिषेक की सड़ी गली लाश बरामद हुई थी। आरोपियों ने बेहद ही शातिराना अंदाज में गोताखोरों को गढ़ाकर उसमें फूल गोभी की सतर्कता उगा दी थी। पुलिस ने डिजाइनरों के पास हाथ का कड़ा, अंगूठी, और लाॅकेट देखकर अभिषेक की डिजाइनर होने की पुष्टि की थी। जीन का डीएनए टेस्ट भी कराया गया था।

वारदात में तीन आरोपी हुए गिरफ्तार,

मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें अभिषेक के कालेज में पढ़ाने वाली प्रोफेसर किम्सी जैन, उनके पति विकास जैन और उनके चाचा अजीत शामिल थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लगातार इस मामले की जांच की गई और जांच पूरी होने के बाद इसे दुर्ग न्यायालय में पेश किया गया। लगभग 5 साल (2016 से) तक ये मामला दुर्ग जिला न्यायालय में चल रहा था। अभियोजन पक्ष के सीनियर वकील राज कुमार तिवारी ने बताया कि फैसले की तारीख आ गई है। आरक्षण पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट बीपी सिंह और उमा भारती साहू ने अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसले की तारीख सुरक्षित की है। कोर्ट 31 मार्च को हत्याकांड मामले में अपना फैसला सुनाएगी।

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