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अब त्यौहारों में भीड़ को सख्ती से मनाया जाता है: होली मिलन समारोह सभी संगठनों ने रद्द किया, समारोह में पहनने पर 500 रुपये का दबाव

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रायपुरएक घंटा पहले

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सदर में डेढ़ सौ साल में पहली बार सेठजी की बारात नहीं, न सड़क पर रंग-गुलाल

राजधानी में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के बाद प्रशासन ने त्योहारों और धार्मिक त्योहारों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है। यह साफ किया गया है कि होली, शबे रोबत और गुडफ्राइडे सहित किसी भी तरह के त्योहार में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे।

इसीलिए सभी संगठनों ने मिलन समारोह पहले ही रद्द कर दिए हैं। लोग मोहल्लों या सार्वजनिक स्थानों पर लोग भीड़ न पाते, भीड़ में होली न खेलें इसलिए पुलिस की गाड़ियां दिनभर शहर में गश्त की जाती हैं। प्रशासन के अफसरों को भी अपडेटिंग के लिए सड़कों पर उतार दिया गया है। संबंधित क्षेत्रों के इंसीडेंटैंडर कलेक्टर और अन्य अफसरों को इसकी लगातार रिपोर्ट मिलेगी।

दूसरी ओर प्रशासन ने होलिका दहन में केवल पांच लोगों को मौजूद रहने की अनुमति दी थी, लेकिन रविवार की रात ज्यादातर जगहों पर भीड़ के साथ ही होलिका दहन किया गया था। पुलिस सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को समझने को धोखा देती रही है, लेकिन लोग नहीं माने।

हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस साल लोगों की भीड़ आधी रही। अपार्टमेंट और बंद स्थानों पर भी लोगों ने होलिका दहन किया था। हालांकि इस बार होली में नगड़े, डीजे या लाउडस्पीकर दिखाई नहीं दिए गए। होलिका स्वीप में भी लोग बिना नगाड़ों के ही नजर आए। नई गाइडलाइन में सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम और होली मिलन समारोह रद्द कर दिए गए हैं।

समारोह में न तो उत्सव मनाते हैं
राजधानी में होली के दिन 50 से ज्यादा बड़ी जगहों पर होली खेली जाती थी। लेकिन इस बार किसी भी जगह पर होली समारोह का आयोजन नहीं किया गया है। कॉलोनियों और अपार्टमेंट अपार्टमेंट्स से भी कहा गया है कि वे अपने सामुदायिक भवन, हॉल या क्लब में होली समारोह का आयोजन न करें। बताया जा रहा है कि ज्यादातर सोसाइटियों ने लोगों से कैंपस परिसर में गाइडलाइन के साथ ही होली खेलने की अपील की।

आज भी बदलाव रहेगा

  • होली मिलन समारोह या अन्य किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। पुलिस का पहरा रहेगा।
  • धार्मिक स्थल केवल व्यक्तिगत पूजा के लिए खुले रहेंगे। यानी एक बार में केवल एक ही व्यक्ति वहां मौजूद रहेगा।
  • पहहिया गाड़ियों में 2 और चारपहिया वाहनों में 4 लोग सवार होंगे। इससे ज्यादा लोगों को होने वाले नुकसान भरना होगा।
  • डीजे, नगड़ा, लाउडस्पीकर, माइक या किसी भी तरह के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करना प्रतिबंधित रहेगा।
  • मल्टीप्लेक्स, टॉल्कज, कमर्शियल-शॉपिंग कांप्लेक्स, मॉल्स में होली में जांच होगी। त्योहारों में सख्ती बढ़ेगी।
  • किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति के पांच से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं होंगे। ऐसे लोगों की कार्रवाई।
  • इन नियमों का पालन नहीं करने वाले या कोरोना गाइडलाइन को ताक पर रखने वालों के खिलाफ एफआईआर होगा।

सदर में डेढ़ सौ साल में पहली बार सेठजी की बारात नहीं, न सड़क पर रंग-गुलाल
राजधानी के सदर बाजार इलाके की 150 साल पुरानी परंपरा कोरोना की वजह से इस साल टूट गई। सदर बाजार में एकादशी से होली उत्सव शुरू हो जाता है। इस वर्ष न तो सेठ नाथूदास की बारात ही निकली, और न ही व्यापारियों का फंक्शन हुआ।

यही नहीं, सदर रोड पर जहां दो दिन पहले होली शुरू हो जाती है, एक दिन पहले तक उसी सड़क सूनी है। राजधानी में सदर की होली खासी प्रचलित है। यहां पर होली से चार दिन पहले यानी एकादशी से त्योहार शुरू होता है। आज से लगभग डेढ़ सौ साल पहले सदर में होली की राजस्थानी परंपरा शुरू हुई थी। यहां नाहटा मार्केट के बाद सेठ नाथूदास की प्रतिमा स्थापित की गई है। होली से पहले नाथूदास की बारात निकाली जाती रही, जिसकी खासी मान्यता है।

सदर बाजार चरित्र संघ के हरख मालू ने बताया कि सेठ नाथूदास की बारात में शामिल होने और उनका आशीर्वाद लेने से मुरादें पूरी होती हैं। कोरोना को लेकर प्रशासन के गाइडलाइन को मानते हुए कारोबारियों ने स्वस्फूर्त इस साल बारात न निकालने का फैसला किया, लेकिन विधिवत पूजा रोज हो रही है।

बारत के बाद नाहटा मार्केट में भव्य फंक्शन होता है। इसमें दो-ढाई हजार लोगों का भोजन तैयार है। यह भी आयोजित नहीं किया गया। आम लोग दो दिन पहले से इस सड़क से गुजरना बंद कर देते हैं, क्योंकि परंपरा के अनुसार यहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति को रंग लगाया जाता है।]इस साल रंग नहीं लगाया जा रहा है, इस कारण से सड़क भी सूनी है।

हाेली में भी लगाना होगा अकसर, नहीं तो पुलिस काटेगी 500 का भालू
त्योहार में रंग-गुलाल के साथ लोगों को मुखौटा लगाना जरूरी है। एक साथ 5 से ज्यादा लोग खड़े होकर होली नहीं खेलेंगे। क्योंकि शहर में धारा 144 लागू है। त्योहार के दौरान कलेक्टर के आदेश का पालन नहीं करने वाले पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। बिना मुख के के घूमने या घर से बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हर थाने में 3-3 पेट्रोलिंग गाड़ी रहेगी। टीआई के अलावा सभी सीएसपी और अतिरिक्त फोर्स दिया गया है।

पूरे शहर में रविवार से मंगलवार तक 600 पुलिस वाले तैनात रहेंगे। हर सड़क पर खाकी वर्दी दिखाई देगी। सड़क पर जो भी बिना पूछे या 5 से ज्यादा दिखेंगे। उन पर कार्रवाई की जाएगी। बिना संकाय वालों से पुलिस 500 रुपए वसूलने के साथ ही धारा -144 के उल्लंघन का मामला भी दर्ज करेगी। नगर निगम के अमले ने रविवार को राहत्त्टी के दिन भी शहर में अभियान चलाकर फक नहीं पहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।

इस दौरान 201 लोगों से 18450 रुपए का जुर्माना भी वसूला गया। होली के दिन को छोड़कर निगम की स्वसहायता समूह की महिलाएं अगले दिन से फिर कार्रवाई में जुट जाएंगी। कलेक्टर के आदेश के बाद निगम की महिलाएं शहर में चौकी, मुख्य सड़क और पार्किंग के आसपास खड़ी होने वाली कार्रवाई कर रही हैं। सभी जोनों ने मिलकर रविवार काे भी बड़ा पूर्वाभ्यास कीं। अब लोगों से मुख नहीं पहनने पर जुर्माने के रूप में 500 रुपए तक वसूला जा रहा है।

निगम जोन -1 की टीम ने बिना पूछे पहने हुए घर से बाहर घूमते हुए 94 लोगों से 8300 रुपय पट्टियाँ वसूला। इसी तरह जोन -2 ने 36 से 3200, जोन -3 ने 37 से 3810, जोन -8 ने 34 से 3140 रुपए वसूले। इस तरह अन्य सभी जोन में 201 लोगों से 18450 रुपये का जुर्माना वसूला गया। उन्हें सख्त चेतावनी भी दी गई कि अब सवाल नहीं पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

“लोगों से अनुरोध है कि अपनी और सभी की सुरक्षा का ध्यान रखें और त्योहार घर पर ही मनाएं। प्रशासन और पुलिस के अफसर हर जगह तैनात किए गए हैं। नियम नहीं तोड़ेंगे वर्ना एफआईआर होगा।”
डॉ। एस। भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर

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