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मरीजों को राहत मिलेगी: 14 नगर निगमों में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर खोलेगी राज्य सरकार, सस्ते में होगी पेशाब की जांच, घर से नि: शुल्क सैंपल कलेक्ट करने की भी सुविधा

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  • राज्य सरकार 14 नगर निगमों में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर खोलेगी, घर पर नि: शुल्क नमूने एकत्र करने के लिए एक सस्ता रक्त परीक्षण, सुविधा होगी

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रायपुर5 घंटे पहलेलेखक: राकेश पांडेय

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फाइल फोटो।

शहरी क्षेत्रों में ब्लड टेस्ट से लेकर रिग स्कैन और एमआरआई जैसे महंगे जांच अब सस्ते में होंगे। राज्य सरकार 14 शहरों में सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने जा रही है। केंद्र शुरू होने के बाद शहर के लोगों को रियायती दर पर पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की सुविधा मिलेगी। साथ ही रोगी के घर से सैंपल भी नि: शुल्क कलेक्ट करने की सुविधा मिलेगी।

यह केंद्र अरबन पब्लिक सर्विस सोसायटी (यूपीएसएस) के माध्यम से संचालित होगा। पहले चरण में 14 नगर निगमों में खाली पड़े अनुपयोगी सामुदायिक भवनों में पैथोलॉजी सेंटर खोला जाएगा। सामुदायिक भवन उपलब्ध नहीं होने पर सेवा देने वाली एजेंसी को शहर में यथोचित स्थान पर किराए का भवन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके एवज में एजेंसी को बाजार दर से कम दर पर पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सुविधाएं देनी होंगी।

निगमवार साव एजेंसी, टीवी-प्रोजेक्टर से प्रचार करेंगे
योजना के तहत यूपीएसएस की साधारण सभा की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। दुर्ग जिले की सोसायटी में नगर निगम रिसाली को भी शामिल किया जाएगा। समाज की साधारण सभा और मतदान कमेटी की बैठक में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल रहेंगे। योजना के तहत निविदा के माध्यम से निगमवार एजेंसी को चुना जाएगा। निविदा समिति में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी होंगे। डायग्नोस्टिक सेंटर चलाने के लिए डाक्टर, एनेस्थेटिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, तेजिशियन, सहायक और जरूरी उपकरण, मशीन, साजजेंट आदि की व्यवस्था एजेंसी खुद करेगी। केंद्र में प्रतिक्षण के लिए सीसीटीवी और योजना के प्रचार के लिए टीवी और प्रोजेक्टर भी लगाया जाएगा।

2 रुपए वर्गफुट की दर से किराए पर भवन, 15 वर्ष के लिए अनुबंध
केंद्र चलाने के लिए एजेंसी को 2 रुपए वर्गफुट की दर से तीन हजार वर्ग फुट का भवन किराए पर दिया जाएगा। समाज यह इमारत 15 साल के लिए किराए पर देगी। एजेंसी से मिलने वाला किराया सोसायटी हर महीने संबंधित निकाय को ट्रांसफर कर देगा। डायग्नोस्टिक सेंटर का नामकरण राज्य के प्रसिद्ध विभूतियों के नाम पर राज्य सरकार की अनुशंसा पर किया जाएगा।

मुख्य सचिव की बैठक में छह विभागों के अफसर करेंगे निगरानी
राज्य और जिला स्तर पर योजना की निगरानी के लिए समिति गठित की जाएगी। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव सहित 6 विभागों के अफारों में शामिल होंगे। जबकि जिला स्तर की समिति में कलेक्टर (पदेन यूपीएसस का अध्यक्ष), आयुक्त, सीएमएचओ, संयुक्त संचालक नगर निवेश, नोडल अफसर यूपीएसस, निगम के सीनियर इंजीनियर और संपदा अधिकारी शामिल किए जाएंगे।

क्या होगा फायदा
योजना शुरू होने से लोगों को एनबीएल सर्टिफाइड एमबीए से सस्ते में जांच कराएंगे। छोटे शहरों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च में कमी आएगी। साथ ही लोगों को इलाज के लिए अब बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं है।

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