Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

त्योहार की तैयारी: होली में पूजा के लिए बताशे की हार अब सामने आई है, सर्फ 70-100 रुपये तक

विज्ञापन से परेशान हैं? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायपुर4 घंटे पहले

  • कॉपी लिस्ट
  • गोलबाजार के हलवाई लाइन में बनते है बताशे

राजधानी रायपुर में होली के पारंपरिक व्यंजनों गुज़िया और बताशे की खुशबू वाले खेतों में तैरने लगी है। वैसे तो लोग त्योहारों पर ज्यादातर घरों में ही गुज़िया तैयार करते हैं, लेकिन अब मिठाई की दुकानों में रेडिमेड गुज़िया भी मिलते हैं। चासनी गुज़िया की डिमांड काफी अधिक है। हलवाईयों ने इस बार 20 क्विंटल से ज्यादा बताशे का हार तैयार किया है।

शहर में त्यौहारी बाजार सजकर तैयार हो गए हैं। मुख्य रूप से आमापारा, राठौर चौक, शंकर नगर, पुरानी बस्ती, गुढ़ियारी और रामनगर सहित शहर में कई स्थानों पर पिकनिक, रंग-गुलाल के साथ पारंपरिक मिठाइयों की दुकानें भी सज गई हैं। गोलबाजार में हलवाई लाइन में भी बाजार बताशे के हार से सजकर तैयार हैं।

कारोबारियों का कहना है कि पहले की अपेक्षा अब बताशे लेने वाले थोड़े कम हुए हैं, लेकिन आज भी लोग होलिका में चढ़ने और घरों में भगवान की पूजा के लिए हार खरीदते हैं। पहले लोग शौक से बताशे खाते भी थे। अब यह पूजा तक सीमित रह गई है। शहर में यह 70 से 100 रुपए किलो में मिल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि 50 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलो तक के हार बना रहे हैं। छोटे हार की मांग अधिक रहती है, लेकिन कुछ लोग बड़ी हार भी खरीदने के लिए आते हैं।

गुजिया, ठेठरी-खमी की महकने लगी है दम
राजधानी में होली के लिए खास तरह के व्यंजन तैयार किए जाने शुरू हो गए हैं। छत्तीसगढ़ में खासतौर पर होली में गुजिया, ठेठरी-खुमी, पेठा, नमकीन और अयरसा इत्यादि बनाए जाते हैं। सभी ट्रेडपल्स हैं जो आम छत्तीसगढ़िया परिवारों में खाने को मिलेंगे। लोगों की व्यस्त दिनचर्या को देखते हुए इन पत्रों को अब बाजार में भी उपलब्ध हैं। कुछ संस्थानों को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाकर ही बेचती हैं।

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: