Harshit India news

breaking news | Bhopal local news | Madhya Pradesh news | Indore news

छत्तीसगढ़ में मंत्री पर आरोप: संरक्षित जनजातियों की जमीन का मामला हाईकोर्ट जाएगा भाजपा, मंत्री ने कहा – हम वापस कर रहे हैं, भाजपा नेता भी लौटाएं मैदान

विज्ञापन से परेशान है? बिना विज्ञापन खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रायपुर3 घंटे पहले

  • खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के बेटे पर धोके से जमीन लिखाने का आरोप
  • मामले की जांच के लिए भाजपा ने बनाई थी समति, अब कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत के पुत्र आशीष भगत पर जशपुर की एक सर्वहित जनजाति पहाड़ी कोरवा के पांच परिवारों की जमीन धोके से लिखा लेने का आरोप लगा दिया गया है। इस मामले में रजित भाजपा ने प्रशासन पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। पार्टी अब इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में हैं। वहीं मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, उनके बेटे ने कानूनी तरीके से जमीन खरीदी थी। अब वह जमीन को वापस कर रहे हैं लेकिन भाजपा नेता भी आदिवासियों की जमीन वापस कर रहे हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा, जशपुर जिले के मनोरा तहसील के गुतकिया गांव में पांच पहाड़ी कोरवा परिवारों की 24.88 एकड़ जमीन है। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के पुत्र आशीष भगत ने 22 जनवरी को पटवारी और दलाल से मिलकर फर्जी तरीके से रंजीत करा लिया। भाजपा ने रायगढ़ सांसद गोमती साय की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति से मामले की जांच कराई है। इस समिति में पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, पूर्व मंत्री गणेशराम भगत, पूर्व सांसद कमबलान सिंह भी शामिल थे।

इस समिति ने जांच में पाया गया है, आदिवासियों से जमीन का सौदा 11 लाख रुपये में किया गया था। लेकिन 6 अलग-अलग चेक से 10 लाख 50 हजार रुपये का ही भुगतान किया गया है। यह चेक अभी भी उन परिवारों के पास हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर राज्यपाल तक शिकायतें हुई हैं। उसके बाद भी सरकार ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा, यह आपराधिक षड़यंत्र है। उन्होंने कहा, भाजपा सड़क की लड़ाई लड़ते हुए इस मामले को हाईकोर्ट तक ले जा उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करेगी।

भगत ने कहा, उनके बेटे ने भी कुछ किया है

भाजपा के आरोपों पर खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा “मेरे बेटे ने जो भी संपत्ति हासिल की है वह विधायक और न्यायपालिका है। आदिवासी की जमीन आदि की खरीद हो सकती है। इसमें आपत्तिजनक कुछ भी नहीं है। जिन्होंने जमीन बेची है उनका नाम विशेष संरक्षित जनजातियों की सूची में नहीं है। कलक्ट्रेट में इसकी सूची शुरू हुई है। संपत्ति की प्राप्ति भी बैंक खातों के जरिये हुई है। इसलिए इसमें किसी प्रकार की अनियमितता का सवाल ही नहीं उठता।]

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती दी है।

मंत्री ने कहा कि जमीन वापसी की घोषणा से भाजपा के नेताओं को चुनौती मिली है

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, वह जमीन हम वापस कर देंगे। हमें किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए। जिस तरह हमने पैसे लेने वालों के खाते में शामिल थे, उसी तरह हमारे खाते में जैसे ही राशि आएगी हम उन्हें ज़मीन वापस कर देंगे। इसके साथ ही भगत ने भाजपा नेताओं को चुनौती दे डाली है। उन्होंने कहा, “भाजपा के सहयोगियों को मेरी खुली चुनौती है, उनके लोगों ने जो ज़मीन आदिवासियों से ली है, वह वापस करने की घोषणा करती है।”

उन्होंने कहा, अगर भाजपा नेताओं में थोड़ी भी नैतिकता है तो वह भी 100-150 करोड़ ज़मीन पर वापस आ जाएंगे। अगर उनके पास सूची नहीं है तो हम उपलब्ध करवा देंगे। अमरजीत भगत ने कहा, हम भी भारतीय नागरिक हैं कोई पाकिस्तान या बांग्लादेश के नहीं, जो नियम सब पर लागू होता है वह हमारे परिवार पर लागू होता है। भाजपा के सहयोगियों पर भी लागू होता है।]

खबरें और भी हैं …

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: