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राज्य में कोरोना टीकों की कमी: जिलों में 4 दिन का स्टॉक बाकी, नई सप्लाई कब मिलेगी पता नहीं, केंद्र बढ़ाने की कवायद पर भी लगा ब्रेक

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  • 4 दिनों के स्टॉक लेफ्ट डिस्ट्रिक्ट्स में, जब नई सप्लाई उपलब्ध होगी, तो हम नहीं जानते, केंद्र को बढ़ाने के लिए व्यायाम में एक ब्रेक भी है

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रायपुरएक घंटा पहले

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फाइल फोटो।

छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीनेशन पर एक मंडराने लगा है, क्योंकि जो कोविशील्ड टीके अभी लग रहे हैं, स्टेट वैक्सीन स्टोर में गुरुवार को उसका स्टॉक खत्म हो गया है। अब वही टीके बाकी हैं जो पहले से जिलों में भेजे गए हैं। स्वास्थ्य अफसरों के मुताबिक जिलों में भी मौजूदा शेड्यूल के हिसाब से सिर्फ 4 दिन के टीके (कुल 4 लाख) बचे हैं। सोमवार से कोविक्सीन लगनी शुरू हुई है, लेकिन स्टोर में इसकी भी केवल 31 हजार डोज ही बच पाई है।

इस स्थिति को भांपकर राज्य की ओर से केंद्र सरकार को पांच दिन पहले 12 लाख टीकों की डिमांड भेजी गई थी। लेकिन वहाँ से टीके तो दूर, सप्लाई को लेकर कोई जवाब भी नहीं मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए टीकाकरण बढ़ाने के लिए नए केंद्र बढ़ाने की हिमायत की है। लेकिन केंद्र बढ़ाने की तैयारी रोक दी गई है, क्योंकि टीके ही खत्म हो रहे हैं। प्रदेश में अभी तक लगभग 1400 टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन लगाई जा रही हैं।

इस साल जनवरी की शुरूआत से अब तक प्रदेश को लगभग 16 लाख कोविशील्ड और 72 हजार से ज्यादा कोविक्सी मिल चुके हैं। इस सप्ताह से 1 लाख टीके लगाने का नया टारगेट भी स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है। इसलिए देखा जाए तो प्रदेश में अब दोनों तरह के टीकों के 4.31 लाख टीके के डोज केवल 3 से 4 दिन ही चल रहे हैं। प्रदेश में 12 लाख टीकों की डिमांड पहले ही भेजी जा रही है, इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोई सप्लाई को लेकर कोई रिप्लाई नहीं आया है।

दूसरे दौर में भी 30 लाख टीकों की पड़ेगी जरूरत: प्रदेश में 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगो को लगभग 3 लाख से ज्यादा टीके लग चुके हैं। 3 करोड़ आबादी वाले छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 3.5 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगी है। टीकों की दोनों खुराक के लिए जो संख्या प्रदेश को चाहिए, वह 69.46 लाख के आसपास है। इसमें से अभी तक प्रदेश को 16.72 लाख टीके ही मिले हैं। यानी अभी 52.74 लाख टीएसी का गैप है। ऐसे में 12 लाख टीकों की सप्लाई जल्द नहीं होगी तो वैक्सीनेशन हाल भी हो सकती है।

दूसरे जिलों से
ऐसे जिलों में जहां टीके नहीं के बराबर लग रहे हैं, वहां से अब वैक्सीन ऐसे जिलों में भिजवाई जा रही है, जहां ज्यादा टीके लगाए जा रहे हैं। प्रदेश में 30 लाख से ज्यादा 60 साल या उससे अधिक और 45 से 59 साल के बीच गंभीर बीमारियों के रोगियों को टीके लगाए जाने वाले हैं। जबकि पहले दौर के लिए स्वास्थ्य और एयरलाइन वर्कर की संख्या तकरीबन 4.73 लाख है। अभी उन्हें दूसरे डोज के अलावा दूसरे दौर की पहली खुराक लगाई जा रही है।

बाघों का हिसाब

  • 12 लाख टीके अब तक लगे हैं
  • 16.72 लाख टीके मिले
  • 00 टीके बचे (कोविशाल)
  • 31 हजार टीके बचे (कोविक्सीन)
  • 12 लाख टीके की डिमांड

टीके की मांग
“प्रदेश में 12 लाख टीके मांगे हैं। हमें पता नहीं है कि ये कब मिलेंगे। अभी लगभग 4 लाख टीके बचे हैं, जो 3-4 दिन तक चल सकते हैं।”
-डॉ। अमरसिंह ठाकुर, राजकीयकरण अधिकारी

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