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भ्रष्टाचार का निगम: छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में 101 करोड़ की अनियमितता, 10 साल से ऑडिट आप अधिकारियों का जवाब तक नहीं दिया गया

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रायपुर31 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम कॉर्प के लिए पहले भी बदनाम होता रहा है। ऑडिट आप अधिकारियों के बाद भी कोई कार्रवाई न हो अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध बना रहा है।

  • ऑडिट आप अधिकारियों के 4 महीने में करता है
  • ऑडिटर ने निगम के प्रबंध संचालक को फिर दिलाई याद

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में 101 करोड़ 85 हजार 535 रुपए की वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। यह गड़बड़ी 2008-09 और 2009-10 के ऑडिट में पकड़ी गई थी। स्थानीय निधि संपरीक्षा का कार्यालय निगम के अधिकारियों को हर साल इन आप अधिकारियों की याद दिलाता रहा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने पिछले 10 वर्षों में इसका कोई जवाब ही नहीं दिया।

छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा के सीनियर ऑडिटर बीके साहू ने पिछले दिनों पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक को लिखा। इसमें उन्होंने याद दिलाया था कि 2008-09 और 2009-10 के ऑडिट आप के अधिकारियों को पिछली बार 2017 में निगम को भेजा गया था। ऑडिटर ने उन दो वर्षों में 141 मामलों पर आपत्ति दर्ज की थी। इसमें कुल 101 करोड़ 85 हजार 535 रुपए की अनियमितता हुई थी। अब ऑडिटर ने इन आप अधिकारियों पर कार्रवाई करने की ओर से फिर ध्यान दिलाया है। ऑडिटर ने निगम के प्रबंध संचालक को ध्यान दिलाया है कि ऑडिट आप अधिकारियों पर चार महीने के भीतर कार्यवाही कर स्थानीय निधि संपरीक्षक को बताना होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है।

निगम के 98 लाख अनुदान में बांटे

ऑडिटर ने एक दूसरे पत्र में 16 करोड़ 62 लाख 87 हजार 119 रुपये के निवेश की भी याद दिलाई है। ऑडिट में सामने आया था कि पाठ्य पुस्तक निगम ने पाठ्य पुस्तक निधि से भिन्न क्षेत्र के व्यक्तियों और शक्तियों को 98 लाख 88 हजार रुपए का स्वेच्छानुदान बांट दिया, अर्थात ऐसे लोगों को अनुदान दिया गया जो निगम से किसी भी तरह से जुड़े नहीं थे।

आठ करोड़ रुपए की आय को बैलेंसशीट में ही नहीं रखा गया

ऑडिट में सामने आया कि जिम्मेदार अधिकारियों ने 8 करोड़ 94 लाख 37 हजार 660 रुपये की आय बैलेंसशीट में दिखाई ही नहीं दी। ऑडिटर का अनुमान है कि इस राशि का गबन कर लिया गया है। वहीं ग्रीन बोर्ड की प्राप्ति में वित्तीय अनियमितता की गई है। इसकी वजह से 6 करोड़ 69 लाख 61 हजार 459 रपुआ का नुकसान हुआ है।

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